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कहीं भाजपा को भारी न पड़ जाए  दक्षिण और पूर्व विधानसभा में देरी 

जीतेन्द्र परिहार
ग्वालियर । चुनावी रणनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो भाजपा को ग्वालियर पूर्व विधानसभा और दक्षिण विधानसभा में प्रत्याशी चयन बहुत पहले करना चाहिए था लेकिन दिग्गजों की नाराजगी के भय से यहां टिकट फाइनल अभी तक नहीं हो पाया जिसका फायदा कहीं-न-कहीं कांग्रेस को मिल सकता है क्योंकि इन सीटों पर कांग्रेस के विधायक पहले से जमे हुए हैं और जनता के बीच सघन संपर्क में हैं, भाजपा की अभी हाल ही में जारी सूची में उम्मीद की जा रही थी कि इन सीटों पर निर्णय अवश्य सामने आयेगा लेकिन भाजपा ने जीती हुई सीटों पर ही निर्णय लिया, ग्वालियर विधानसभा सभा, जहां ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर हैं और दूसरी ग्वालियर ग्रामीण जहां राज्यमंत्री भारत सिंह कुशवाह वर्तमान विधायक हैं। ऐसे में पूर्व और दक्षिण विधानसभा पर आगे तस्वीर क्या बनेगी देखना रोचक होगा।
ग्वालियर विधानसभा और ऊर्जा मंत्री का सफर 
ग्वालियर विधानसभा 15 सीट से केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने विधायकी का स्वाद चखा और केंद्रीय राजनीति में पहुंच गए। वहीं कट्टर हिंदू वादी छवि रखने वाले बंजरगी दादा, पूर्व मंत्री जयभान सिंह भी यहीं से जीतकर विधायक और फिर सरकार में मंत्री बने। प्रद्युम्न सिंह तोमर पहली बार 2008 में पहली बार यहां से विधायक चुने गए, वहीं अब वर्तमान सरकार में ऊर्जा मंत्री हैं।
प्रद्युम्न सिंह तोमर छात्र जीवन से ही कैलाश वासी माधव राव सिंधिया की शागिर्दी में कांग्रेस से जुड़े। साल 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ाई और भाजपा के जयभान सिंह पवैया से हार गए। वहीं 2018 में इसी सीट पर कांग्रेस से मैदान में फिर उतरे और भाजपा के जयभान सिंह पवैया को हराकर कांग्रेस सरकार में मंत्री बने, लेकिन कमलनाथ सरकार में क्षेत्र की उपेक्षा और खासतौर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को पार्टी में तवज्जो न मिलने के कारण 2020 में सिंधिया के साथ कांग्रेस से भाजपा में शामिल हो गए और उपचुनाव  में भाजपा के टिकट पर फिर चुनाव लड़ा और जीत कर उर्जा मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली ।
  भारत सिंह कुशवाह 
 ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा 14 में अभी तक देखने आया है कि यहां त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलता है, क्योंकि इस विधानसभा क्षेत्र में ज्यादातर ग्रामीण इलाके आते हैं । जहां अन्य समाजों के वोट प्रतिशत के अलावा भारी संख्या में कुशवाह समाज आता है। नरेंद्र सिंह तोमर समर्थक के रूप में पहचाने जाने वाले भाजपा प्रत्याशी भारत सिंह कुशवाह की उम्र 52 साल है तथा 12वीं पास हैं और उनका व्यवसाय कृषि है।
ग्वालियर के आसपास पूरे गांव इस क्षेत्र में आते हैं। साल 2018 में ग्वालियर ग्रामीण से भारत सिंह ने बसपा के साहब सिंह को 1500 वोट से मात दी थी। बता दें कि 2018 के चुनाव जिले की यही एक सीट थी जो कांग्रेस की लहर के बावजूद भाजपा के खाते में आई थी शायद यही वजह रही कि भारत सिंह को राज्यमंत्री के पद से नवाजा गया।
ग्वालियर पूर्व और दक्षिण पर अटकी भाजपा 
शहर की प्रतिष्ठित विधानसभा में शुमार ग्वालियर पूर्व और ग्वालियर दक्षिण विधानसभा, दोनों सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है इसके बावजूद यहां भाजपा को प्रत्याशी चुनने में पसीने छूट रहे हैं, राजनीतिक गलियारों से खबर आ रही थी कि दक्षिण विधानसभा सीट भाजपा पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह को उतार सकती है लेकिन वर्तमान राज्य मंत्री भारत सिंह कुशवाह का टिकट फाइनल होने के बाद अब नारायण सिंह के नाम पर मोहर लगने में संशय नजर आ रहा है, वहीं पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा भी दक्षिण विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की पहले ही इच्छा जता चुके हैं, लेकिन निर्णय में देरी भाजपा के लिए मैदान में चुनौती जरूर बनती नजर आ रही है। वहीं ग्वालियर पूर्व पर कांग्रेस के भारी-भरकम विधायकों में शामिल सतीश सिकरवार जमे है, उनके सामने वही प्रत्याशी टिकेगा जिसे उनके ही अंदाज में चुनाव लड़ने का हुनर आता हो, बहरहाल इन सीटों पर टिकट में देरी भाजपा के लिए उचित दिखाई नहीं दे रही है।
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