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सिंध के सीने से अवैध उत्खनन – टीआई साहब नए आए हैं इसलिए ट्रैक्टर बंद रखना, वायरल ऑडियो में पैसे की भी डिमांड

जीतेन्द्र परिहार

ग्वालियर! मध्यप्रदेश की मोहन सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ बेशक तल्ख तेवर दिखाए जा रहे है, लेकिन ग्वालियर चम्बल में अवैध रेत खनन से मिलने वाली चांदी की खनक का जलवा इस कदर हावी है कि सरकारी अमले से जुड़े लोग बेझिझक होकर अवैध कारोबार के पैरोकार बने बैठे हैं! भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए तमाम सख्ती के बरत रही है! इसके बावजूद ग्वालियर चम्बल अंचल में रेत माफिया और पुलिस प्रशासन का गठजोड़ खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है! ताजा मामला डबरा सिटी थाने के एक आरक्षक का बताया जा रहा है जिसनें रेत माफिया के एक गुर्गे से अवैध रेत परिवहन के बदले रिश्वत की डिमांड करते हुए उसे समझाया कि टेक्टर बंद रखना टीआई साहब नए और उन्होंने एफआरबी सहित हम चार-पांच लोगों हिदायत दी इसलिए अभी टेक्टर बंद ही रखना है अभी ! जब पुलिस महकमे से जुड़े लोग अवैध खनन माफियाओं का साथ देंगे तो कैसे खनन के अवैध कारोबार पर लगाम लगेगी! गौर करने वाली बात यह है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस ऑडियो में आरक्षक उसे नए थाना प्रभारी के आगमन की सूचना देते हुए सावधान भी कर रहा है की कुछ दिन अपने ट्रैक्टरों को बंद कर दे! वहीं ऑडियो में आरक्षक द्वारा गुर्गे से लेन-देन की भाषा में मिलने के लिए कहा गया तो दोनों में सुबह मिलने का तय भी हो गया! ऐसा नहीं है रेत माफिया और पुलिस कर्मियों के लेनदेन का यह पहला मामला है जो सामने आया है! इससे पहले भी पुलिस थानों में पदस्थ कर्मचारियों और खनन माफिया के गठजोड़ के इस तरह के उदाहरण कई बार देखने को मिलते रहे हैं , लेकिन इस गठजोड़ को तोडऩे के तमाम दावों के बाद भी स्थिति वहीं की वहीं बनी हुई है! ऑडियो की पुष्टि AAP KA MAT नही करता, फिर भी हलाते हकीकत को देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि कहीं ना कहीं राजनीतिक रसूख से जुड़े ग्वालियर चम्बल अंचल के खनन माफिया हर वर्ष शासन को करोड़ों के राजस्व का चूना लगा रहे हैं, जिसमें अप्रत्यक्ष रूप से ही सही पर वह लोग भी शामिल हैं, जिन्हें अंकुश लगाने के लिए सरकार ने शासकीय सेवा में रखा है और लाखों रुपये उनकी तन्ख्वाह और साजोसामान पर खर्च रही है ! इस मामले में भी एसपी राजेश सिंह चंदेल का कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई करेंगे, परंतु यहां बड़ा सवाल यह है कि यदि बागड़ ही खेत को खाएगी तो खेती कैसे महफूज रहेगी ? अवैध रेत उत्खनन सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सिंध नदी के क्षेत्रान्तर्गत केवल पिछोर थाना अंतर्गत लिधौरा खदान को छोड़ दें तो चांदपुर रायपुर, बेलगाढा, केथौदा, बारकरी,सेमरी, सिली सिलेटा, भैसनारी,बिजकपुर, इलाके में प्रशासनिक अमले से सांठगांठ करके बंदूक के साए में अवैध खदाने संचालित हो रही है, इनमें से कहीं-कहीं पनडुब्बियों के माध्यम से रेत निकली जा रही है तथा डंपर और ट्रैक्टर ट्रॉलियों से रेट का परिवहन किया जा रहा है!

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