मप्र के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के पुत्र डॉ अभिमन्यु का विवाह उज्जैन में सामूहिक विवाह सम्मेलन में हो रहा है और इसके कवरेज करने के लिए मप्र जनसंपर्क के सीपीआर ने मप्र के इतिहास में पहली बार जनसंपर्क विभाग के 26 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी कवरेज करने के नाम से लगा दी । इस आदेश में कहा गया है अनेक मुख्यमंत्रियों एवं महामहिम राज्यपालों के आने का कार्यक्रम है उनके कबरेज के लिए इन अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाती है । खबर के साथ आदेश संलग्न है ये बेगारी वाली ड्यूटी सीपीआर दीपक सक्सेना के द्वारा लगाई गई और सबसे बड़ी बात यह कि इस का मुखिया जनसंपर्क के राजा कहे जाने वाले राजाराम पटेल को बनाया गया । जनसंपर्क के हल्के में इस प्रकार ड्यूटी लगने से सन्नाटा पसरा हुआ है लेकिन विरोध के बाद इस आदेश को रद्द कर दिया गया । जनसंपर्क के सीपीआर यहां के हम सिकंदर के अनुरूप काम कर रहे हैं । इस प्रकार के आदेश आज तक जनसंपर्क विभाग में नहीं निकाला गया है । जहां मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सादगी के साथ अपने पुत्र का विवाह कर रहे हैं वहीं जनसंपर्क विभाग मुख्यमंत्री पर उँगली उठवाने का काम कर रहा है मुख्यमंत्री की छवि बनाने के बजाय उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है ।
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मुख्यमंत्री के पुत्र के विवाह में लगाई जनसंपर्क के अधिकारियों कर्मचारियों की ड्यूटी विरोध के बाद आदेश निरस्त किया

