ग्वालियर । देश भर में शक्कर अर्थात चीनी की क़ीमतों में हुई बढ़ोतरी ने जहां घर का बजट बिगाड़ दिया है वहीं कांग्रेस सहित दूसरे विपक्षी दलों को एक मुद्दा मिल गया है । जुलाई के महीने में शक्कर के दाम तक़रीबन 45 रुपये प्रति किलो थे वहीं अगस्त के अंत तक आते आते ये दाम 65 रुपये प्रति किलोग्राम से 70 रुपये प्रति किग्रा हो गए हैं । शक्कर के खुदरा व्यापारियों का कहना है कि त्योहारी सीजन में चीनी के भाव बढ़ने के कारण ग्राहकों में उदासीन रवैया देखने को मिल रहा है वहीं थोक विक्रेताओं ने भी कहा कि दाम बढ़ने से बिक्री प्रभावित हुई है ।

कांग्रेस सहित विरोधी दलों का कहना है कि सरकार गन्ने का उपयोग ऐथेनॉल बनाने में कर रही है जिससे शक्कर के भाव बढ़े हैं वहीं पेट्रोल के दामों में कोई कमी नहीं आई वहीं सरकार ने कहा है कि मांग बढ़ने के कारण शक्कर के भाव बढ़ रहे हैं सरकार का कोई नियंत्रण नहीं होता है
ग्वालियर में कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा ने शक्कर के भाव बढ़ने पर सरकार के विरोध में मशाल जुलूस निकाला और जमकर नारेबाज़ी की वहीं केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का वह नारा जो वे कांग्रेस में रहते दिए थे कि बढ़ शक्कर बढ़ गया तेल भाजपा सरकार का देखो खेल इस नारे को लेकर भी कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी कांग्रेस के ग्वालियर ज़िलाध्यक्ष सुरेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा की सरकार कहती थी कि बहुत हुई मंदी की मार अबकी बार मोदी सरकार इस सरकार ने यह नारा सत्ता के लिए दिया और सत्ता में आने के बाद हर चीज को मंहगा कर दिया है फिर शक्कर हो या तेल या बिल्डिंग मैटेरियल भाजपा सरकार जनता का तेल निकाल रही है वहीं रक्षाबंधन का त्योहार सिर पर है और शक्कर के दाम आसमान छू रहे हैं कुल मिलाकर सरकार को चौतरफ़ा विरोध का सामना करना पड़ रहा है

