दिल्ली / मुंबई
प्रमुख समाचार पत्र समूह टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक बार मीडिया जगत में छँटनी के दौर की याद ताजा कर दी है । टाइम्स ग्रुप एक साथ सैकड़ों कर्मियों जिसमें पत्रकार शेड्यूलिंग मार्केटिंग और सर्कुलेशन विभाग में कार्यरत थे एक आदेश पर ये सभी कर्मी हटा दिए हैं । इससे पत्रकारों और अन्य अख़बार के डिपार्टमेंट के एमप्लॉइज अचानक बेरोजगार हो गए हैं । रिपोर्टस् के अनुसार नवभारत टाइम्स ग़ाज़ियाबाद एडीशन का प्रकाशन रोक दिया गया है ।ये प्रिंट में बढ़ती लागत घटता सर्कुलेशन अख़बारों को मुश्किल में डाल रहा है ।यह तब हुआ जब कि ग्रोथ रेट 7.8 बताई जा रही है । अख़बारों का परिचालन विज्ञापन और अन्य दूसरे सोर्स से होता है लेकिन मौजूदा समय में डिजिटल मीडिया के बोलबाले ने प्रिंट के सामने चुनौती खड़ी कर दी है कई बड़े मीडिया संस्थानों के बड़े पत्रकार यूट्यूब पर पत्रकारिता कर रहे हैं वे भी छँटनी का शिकार हुए थे । लेकिन प्रिंट में @जो कर्मचारी सर्कुलेशन प्रिंटिंग में हैं उनके सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है आज टाइम्स ऑफ इंडिया ने ये शुरू किया है कल दूसरे बड़े अख़बार इस पॉलिसी पर आ सकते हैं कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि अख़बारों में काम कर रहे पत्रकारों और अन्य लोगों पर बेरोजगारी का संकट मँडरा रहा है ।
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प्रमुख समाचार पत्र समूह टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक बार मीडिया जगत में छँटनी के दौर की याद ताजा कर दी है ।

